Bade Ghar Ki Aaurtein Part 6

नसरीन ने जवाब दिया, “बस जल्दी से तेरी ही तरह मदहोश होने का इरादा है मेरी जान!”और हंसते हुए फिर बोतल से पीने लगी। दो-तीन मिनट में ही उसने काफी शराबपी ली। फिर वो सोफे के पीछे आ कर मेरे ऊपर झुक गयी और अपने मम्मे मेरे मुँह पर रख दिये। मैं उसके मम्मे चूसने लगा। शराब की बोतल अभी भी उसके हाथ में थी और वो बीच-बीच में चुसकियाँ ले रही थी। बीच-बीच में वो थोड़ी शराब अपने मम्मों पर भी डाल देती थी जिसे मैं उसके मम्मों से चाटने लगा। कभी-कभी मेरे दाँत उसके मम्मों में गढ़ जाते तो उसके मुँह से “आआआआहहहह ऊऊऊईईईई” जैसी चुदासी आवाजें निकल जाती।

रेशमा मेरी दोनों टाँगों के आरपार अपनी टाँग फैला कर खड़ी हो गयी। उसने अब मेरे लण्ड को पकड़ कर सीधा किया ओर अपनी चूत के निशाने पर रख कर बैठ गयी। पहले वो हल्का वजन डाल कर बैठी थी और मेरे लण्ड का टोपा ही उसकी चूत में घुसा था। उसकी आँखें बंद थीं और मुँह खुला था। धीरे-धीरे उसने और वजन डालना शुरू किया और मेरा लण्ड उसकी चूत में जाने लगा। जैसे-जैसे लण्ड उसकी चूत में जाने लगा तो उसके मुँह से निकलने वाली मस्ती भरी आवाजें तेज होने लगीं, उसकी आँखें और जोर से बंद हो गयीं। नसरीन ने अब रेशमा के बड़े बड़े मम्मे पकड़ लिये ओर उन्हें दबाने लगी। रेशमा की साँसें तेज चलने लगीं और उसकी मस्ती भरी आवाजें भी और बड़ गयी थी।

रेशमा ने अपना पूरा भार छोड़ दिया और मेरा लण्ड उसकी चूत मैं पूरा घुस गया। रेशमा जोर से चींखी, “आआआआहहह अल्लाऽऽहहह , ऊऊऊऊईईईईई, मेरी चूऽऽऽत…. हायऽऽऽ अम्मीईईई आँईईईईई ऊँहहह!” नसरीन उसके मम्मे और जोर से दबाने लगी। रेशमा की आँखें पूरी तरह से बंद थीं। उसका चेहरा लाल हो गया और उसके मम्मे नसरीन ने दबा- दबा कर लाल कर दिये। रेशमा के मुँह से निकलने वाली चींखें और तेज़ हो गयीं और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया जो मेरे लण्ड के आसपास जमा हो गया, जिसकी गर्मी मुझे महसूस हो रही थी। मैंने रेशमा की नंगी गाँड को पकड़ा ओर उसे इशारे से ऊपर-नीचे करने को कहा क्योंकि मेरे मुँह में नसरीन ने अपने मम्मे ठूँस रखे थे। रेशमा पहले धीरे-धीरे झटके मारने लगी। फिर धीरे-धीरे उसने झटकों को तेज किया ओर फिर जोर-जोर से ऊपर-नीचे उछलने लगी। मेरे लण्ड ने भी पानी छोड़ दिया लेकिन रेशमा जोर-जोर से झटके मारती रही। कुछ देर बाद वो फिर एक और बार चींखते हुए झड़ गयी और मेरी गोद में से फिसल कर नीचे बैठ गयी और हाँफने लगी।

नसरीन भी अब सामने आ गयी थी। नसरीन के मम्मे भी लाल-लाल हो गये थे और उन पर मेरे दाँतों के निशान भी थे। रेशमा का बुरा हाल था। वो जोर-जोर से हाँफ रही थी और माथे पर पसीना था। उसकी चूत गीली थी पर गुलाबी थी। रेशमा घूम कर मेरे पैरों के पास आयी ओर मेरे लण्ड को मुँह में लेकर चाटते हुए हम दोनों के पानी का स्वाद लेने लगी। फिर धीरे-धीरे रेशमा मेरे पूरे शरीर पर किस करने लगी। ये देख नसरीन ने भी मेरे शरीर से खेलना शुरू कर दिया। उसका एक हाथ सलवार के ऊपर से ही उसकी चूत सहला रहा था। फिर वो मेरे लण्ड को जो कि निढाल हो गया था, अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। धीरे-धीरे मेरा लण्ड फिर टनटनाने लगा था। नसरीन भी अब नशे में चूर थी जिस वजह से वो अपनी सलवार का नाड़ा नहीं खोल पा रही थी। रेशमा भी उसकी मदद करने लगी और आखिर में जैसे ही नाड़ा खुला, दरवाजे पर घंटी बज गयी।

हम तीनों डर गये। रेशमा ने उठ कर वहाँ पड़ा नसरीन का बुर्का नंगे जिस्म पर पहन लिया। इतने में नसरीन ने फटाफट शराब की बोतल और ग्लास उठायीऔर मैंने सब कपड़े समेटे और हम दोनों अंदर कमरे में आ गये। नसरीन बहुत गुस्से में नज़र आ रही थी।

दो मिनट बाद ही आने वाले को सोफे पर बिठा कर रेशमा भी अंदर कमरे में आयी और फुसफुसाते हुए हमें बताया कि उसकी कोई बुजुर्ग रिश्तेदार आयी है जो एक घंटे के पहले जाने का नाम नहीं लेगी। उसने नसरीन से कहा कि मुझे पीछे के दरवाज़े से बाहर कर दे। फिर रेशमा ने बुर्का उतार कर जल्दी से कपड़े पहने और खुद को ठीकठाक करके बाहर चली गयी। लेकिन उसके कदम अभी भी लड़खड़ा रहे थे। मैंने भी अपने कपड़े पहन लिये थे लेकिन नसरीन अभी भी उसी हालत में बैठी थी और बुदबुदाती हुई अपनी किस्मत को कोस रही थी।

मैंने इशारे से नसरीन को कहा कि मुझे बाहर निकलने में मदद कर दे तो वो लड़खड़ाती हुई खड़ी हुई। उसका नशा इतनी देर में पहले से काफी बढ़ गया था। उसी कमरे से घर के पीछे की तरफ दरवाजा था जिससे हम दोनों बाहर निकले। घर के पीछे ऊँची बाउन्ड्री-वाल थी और पेड़-पौधे थे और कुछ पुराना सामान मौजूद था। उसी बाउन्ड्री-वाल में छोटा सा लोहे का दरवाज़ा था जिसके ज़रिये मैं घर के पीछे मैदान में निकल सकता था। मैं जैसे ही वो दरवाज़ा खोलने के लिये आगे बढ़ा, नसरीन ने अचानक मुझे धक्का दे कर दीवार के सहारे सटा दिया और मुझसे चिपट गयी। वो बोली, “साली रेशमा ने तो मज़े ले लिये… मेरी बारी आयी तो… खैर मैं भी तुझे ऐसे जाने नहीं दूँगी…!”और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख कर मेरे मुँह में अपनी जीभ घुसेड़ दी। कुछ देर इसी तरह हम दोनों एक दूसरे को चूमते और सहलाते रहे। फिर उसने अपनी सलवार घूटनों के नीचे सरका दी और दीवार की तरफ मुँह करके टाँगें चौड़ी करके दीवार के सहारे आगे झुककर खड़ी हो गयी

मैंने भी अपनी पैंट और अंडर्वीयर नीचे खिसकाये और पीछे से उसकी कमर में हाथ डाल कर अपना लण्ड उसकी चूत में घुसेड़ दिया और धक्के मारने लगा। वो बेशरम औरत ज़ोर-ज़ोर से मस्ती भरी आवाज़ें निकालने लगी। नशे में उसे इस बात की भी फिक्र नहीं थी कि कहीं उसकी ये चीखें और सितकारें कोई सुन ना ले। मेरे पानी छोड़ने से पहले उसकी चूत ने तीन बार पानी छोड़ा । जब मैंने अपना लण्ड बाहर निकाला तो वो बुरी तरह हाँफ रही थी और घूम कर मुझसे चिपक गयी।

थोड़ा संभलने के बाद मैंने अपने कपड़े ठीक किये और वहाँ से रवाना हो गया।