Kam Wali Bai

Kam Wali Bai

 

मेरा नाम आशीष ठाकरे है उम्र २५ साल का अनमैरिड हु । मैं कोपरगाव महाराष्ट्र में रहता हु जहा पर मेरी फर्नीचर कि दूकान है हमारी मार्किट में एक झाडू वाली बाई (साफ़ सफाई करने वाली) महीने १०० रुपये लेती है एक दूकान दार से यह झाड़ू वाली बाई जिसका नाम सक्कू बाई है इसने अपने पति को छोड़ रखा है इसकी उम्र ४० साल के आसपास होगी पर पर है आज भी बहुत सेक्सी बड़े बड़े बूब्स मोटी सी पीठ बड़े बड़े चुंदड़ कभी साडी तो कभी कभी सलवार सूट में आती है ये सक्कू बाई दो लड़किये कि माँ है पर है बहुत दुष्ट स्वभाव कि जरा जरा सी बात पर गाली देने लगती है थाने में हरिजन एक्ट के नाम पर धमकी देती रहती है इस कारण मार्किट में सभी उससे बहुत डरते है ओ एक दिन मेरे पास आई और बोली कि आशु मुझे १००० रुपये दो तो मैं बोला क्यों क्या हुआ तो बोली कि है उसे डाक्टर पास लेकर जाना है तो मैं सक्कू को १००० रुपये दे दिया और बोला कि आंटी वापस कब करोगी तो बोली कि तू मुझे आंटी नहीं बोल तब मैंने बोला कि क्या कहु तो कहती है कि बयनी (भाभी) बोल तो मैंने उसे कहा कि भाभी कब दोगी मेरे पैसे तो कहती है कि रुक तो अभी अभी तो दिया है और लेने के लिए अभी से मरे जा रहा है दे दुगी जैसा चाहेगा वैसा दे दुगी और मुस्कुरा कर चली गई करीब एक माह हो गए सक्कू ने रुपये वापस नहीं किया तो मैं एक दिन उसे टोका तो हँसने लगी और बोली कि कल दे दुगी तब मैंने उसे बोला कि कल तो दूकान बंद रहेगी सन्डे है तो सक्कू बोली कि तू आना दूकान खोलना मैं कल वापस कर दुगी तेरा पैसा पर दूकान जल्दी खोलना क्योकि बाद में मुझे जाना है सुबह जल्दी आ जाना मैं सन्डे को सुबह ९ बजे दूकान पहुच गया सक्कू बाई झाड़ू और टोपरा लिए आस पास कि झडू लगाते हुए मेरे पास कि दूकान तक आई
और बोली कि क्यों रे बहुत जल्दी है रुपये लेने कि तुझे और इतना कहकर झुक कर झाड़ू लगाने लगी सक्कू बाई के बड़े बड़े बुब्बस दूर से ही दिखाई दे रहे थे क्योकि सक्कू ने ब्लाउॉज के दो हुक खोल रखा था और साड़ी का पल्लू कमर में बाँध रखा थाइससे सक्कू बाई कि बड़े बड़े बूब्स साफ़ साफ़ दिखाई दे रहे थे सकू बाई कुछ देर बाद आई और मेरे सामने बैठ गई और हाथ में १००० कि नोट थी उसे दिखा कर बोली कि ये ले तेरे रुपैये और इतना कह कर रुपये को अपने ब्लाउज के अंदर बूब्स के नीचे छिपा लिया और मुस्कुराते हुए बोली कि ले हिम्मत है तो निकाल कर ले ले तेरे रुपैये तो मैंने मना कर दिया और बोला कि मजाक नहीं भाभी दो निकाल कर तो बोली कि ले ले न और इतना कहने के बाद ब्लाउज के हुक्स को खोलते हुए बोली ले निकाल ले ,मैंने फिन मना कर दिया तो बोली कि हिजड़ा है क्या जो डरता है किसी ओरत से ,अब सक्कू बाई के ब्लाउज के तीन हुक खुल गए तो बड़े बड़े बूब्स और साफ़ साफ़ दिखाई देने लगे पर मेरी हिम्मत नहीं पद रही थी और सक्कू बाई बार मुझे हिजड़ा कह कर चिढ़ा रही थी तो मैं हिम्मत करके कुर्शी से उठा और सक्कू के पास जाकर खड़ा हो गया तो ओ मेरी तरफ देखी और मुसकराई तो मैंने सक्कू बाई कि पीठ पर हाथ रख दिया तो सक्कू बाई ने हाथ को पकड़ कर अपने स्तनो कि तरफ लाइ और बोली कि रुपैये यहाँ है पीठ क्यों टटोल रहा है तब मैं हिम्मत करके सक्कू बाई कि दाए बुब्बस के नीचे हाथ डाल दिया और रुपये को ढूढने लगा |
मैंने पहली बार इतनी उम्र कि किसी ओरत के बूब्स को हाथ लगाया है सक्कू बाई के बूब्स आज भी बहुत मस्त है कुछ कुछ टाइट लग रहे थे मैं सक्कू बाई के बूब्स के नीचे बार बार हाथ घुमा रहा था और फिर वोला कि नहीं मिल रहे हा रुपये तो सक्कू बाई कहती है कि अबे गधे अभी तो तूने एक ही तरफ हाथ लगाया है इधर भी देख ना तो मैं बाए बूब्स के नीचे हाथ डाल दिया और रुपये तलासने लगा तो नहीं मिला पर मेरे तन-वदन में आग लगने लगी तो मैंने सक्कू बाई कि ब्रा का हुक खोल दिया पीठ कि तरफ से तो सक्कू कहती है कि क्या हुआ नहीं मिले तुझे रुपये तो क्या अब इस तरह से लेगा रुपिया और इतना कहकर मुझे जोर से खीच लिया अपनी तरफ और चूम लिए मुझे और खड़ी होकर लिपट गई मुझसे मैं भी जोर से अपनी तरह सक्कू को भीच लिया और सक्कू के स्तनो को दबाने लगा तो सक्कू बोलती है कि दूकान सटर तो गिरा नहीं तो इज्जत का फालूदा निकल जायेगा , तब सटर गिरा दिया और अंदर से ताला लगा दिया |
आज सन्डे है इस कारण मार्केट कि सभी दुकाने बंद है और जो खुलती भी है तो दोपहर के तीन बजे के बाद पूरा समय है आज सक्कू के साथ खेलने का [खेलने का मतलब है सम्भोग करने का ,चोदने का ]दुकान में बहुत सी नई पलंग रखी थी एक पलंग में गद्दा डाल दिया और सक्कू को इसारा करके बुलाया तो सक्कू आई और आते ही अपनी साड़ी और ब्लाउज को उतार कर एक किनारे रख दिया अब सक्कू नंगी होकर मेरे सामने बैठी थी मैंने सक्कू को बेड पर लिटा दिया और सक्कू के बड़े बड़े बूब्स को खिलाने लगा तो सक्कू बोलती है कि क्यों रे सरमा रहा है क्या तेरे भी कपडे उतार ना क्या ऐसे ही खेलेगा मेरे साथ तो मैंने भी मेरे सारे कपडे उतार कर नगा होकर सक्कू के पास बैठ गया और सक्कू कि चूत में हाथ घुमाने लगा सक्कू कि चूत बड़े बड़े बालों [झांठ]से ढकी हुई थी मैंने पूछा कि ये साफ़ नहीं करती हो क्या तो कहती है कि किसके लिए साफ़ करू आज कई साल के बाद तो खेलने कि इच्छा पडी है अब अगली बार आउगी तो तुझे साफ़ सुथरी बुर मिलेगी मैं सक्कू कि बुर कि झांठो को खिलाने लगा और किस करने लगा तो सक्कू के मुह से बदबू आ रही थी तो मैं मुह को फेर लिया दूसरी तरफ और बोला कि क्या ब्रूस भी नहीं करती हो क्या तो सक्कू भड़क गई और उठकर बैठ गई और बोलती है कि देख तुझे चोदना है तो छोड़ स्यानपणा नहीं दिखा नहीं तो मैं जाउ तो मैं बोला नहीं | और सक्कू को फिर से बेड पर लिटा दिया तब सक्कू मेरे लैंड को पकड़ कर हीलाने लगी और बोली कि तेरा तो बहुत बड़ा मोटा और कड़क है ले जल्दी कर चोद मुझे फिर जाउ मैं नहीं तो कोई आ जाएगा तब मैं सक्कू के ऊपर लेट गया और मेरा ७ इंची लंड को घुसेड़ दिया सक्कू कि चूत में ,सक्कू कि चूत चिकनी पड़ गई थी लैंड आसानी से घुस गया और फिर सक्कू कि चुदाई करने लगा सक्कू कि चूत आज भी सकरी थी फिर सक्कू को जल्दी जल्दी चोदा सक्कू जल्दी ही झड़ गई मैं भी जल्दी झड़ गया और दोनों ने जल्दीजल्दी कपडे पहना और सतर को उचका कर खोल दिया | और सक्कू चली गई १००० रुपये टेबल पर रख कर और बोली कि मजा नहीं आया आज तब मैंऐसाक्कु को १००० रुपये वापस करते हुए बोला कि ले जाओ इसे और अगली बार आना तो साफ़ सफाई के साथ आना तब मजे से छोड़ेगे तुम्हे तो बोली कि टीक है |
मैं अगलेदिन देखा कि सक्कू आज एक अच्छी से साड़ी – ब्लाउज में सुन्दर और जवान लग रही है मेरे पास आई और बोली कि क्यों बे आज कैसी लग रही हु तो मैंने बोला कि फंटास्टिक तो सक्कू हसने लगी और मेरे गाल में एक हलकी से चपत लगाया और बोली कि बा बता कब मिलेगा मुझे तो मैंने कहा कि यहा मजा नहीं आता डर लगता है तो सक्कू ने कहा कि चल कही चलते है अनजान जगह पर तो मैंने बोला कि रुक एक दिन प्लान बनाता हु और अगले दिन प्लान बनाया पापा से बोला कि मालेगाव कुछ काम है जाउ क्या तो पापा ने बोला कि टीक है जा फिर में प्लान बनाकर सक्कू को फोन कर देता और पास ही मालेगाव को दोनों निकल लेते है वहा के एक होटल में सक्कू कि खूब चुदाई किया इस बार सक्कू ने अपने झांठ के बाल बढ़िया साफ़ करके आ थी उसके मुह से बदबू भी नहीं आती है खूब चोदा सक्कू को अब तो जब भी मन पड़ता है सक्कू को लेकर निकल जाता हु और खूब चोदता हु |