Kamwali Ka Kar Diya Kam

Kamwali Ka Kar Diya Kam

यह एक सच्ची स्टोरी है चलो पहले में अपने बारे में बता देता हूँ. मेरा नाम है लक्की और में सूरत का रहने वाला हूँ. तो अब स्टोरी स्टार्ट करते है. ये उन दिनो की बात है और उस साल ही मेरे भाई की भर्ती मुंबई मे हुई थी तो मेरी मम्मी
उसके साथ मुंबई चली गयी रहने ओर यहा मेरे लिए एक मस्त कामवाली छोड़ गयी तो घर मे सिर्फ़ में ओर पापा ही रहते थे और पापा तो सुबह 8 बजे ही जॉब पर चले जाते थे वो कामवाली उस टाइम पर 18-19 साल की होगी शायद पर थी बहोत मस्त पर मेरा ध्यान कभी उसकी तरफ नही गया था की कभी उसे में चोदुंगा।

अब में बताता हूँ की मेरा मन कैसे गया उसकी तरफ वो रोज पोछा लगाते टाइम पर अपनी चुन्नी बाथरूम मे ही छोड़ आती थी वो जब भी पोछा लगाती तो उसके बोब्स दिखते पर वो पूरे तो नही दिखते सिर्फ़ गली ही दिखती पर उतना ही काफ़ी था मुझमें हवस जगाने के लिए. कुछ दिन ऐसा ही चलता रहा में उसे ऐसे ही देखता रहता पर मेरा मन अभी भरा नही था इतने से तो अब में वो जहाँ जहाँ पोछा लगाती वहाँ वहाँ जाकर देखता पर इतना भी काफ़ी नही था कुछ दिन ऐसा ही चलता रहा मेरी हिम्मत बढ़ रही थी क्यूकी वो मेरी तरफ देखती भी नही तो अब में वो जब भी बाथरूम में कपड़े धो रही होती तो गेट के पास जाकर खड़ा हो जाता उसे पता रहता की में खड़ा हूँ पर वो ध्यान नही देती ओर कपड़े धोती रहती।

उस टाइम मुझे भी नही पता था की में क्या कर रहा हूँ पर कुछ भी हो मजे आ रहे थे तो ओर हिम्मत बढ़ा दी गेट पर बेठ जाता ओर उसे कपड़े धोते हुए देखते रहता वो गेट के बिल्कुल पास बेठ कर कपड़े धोती थी तो एक दिन मेने उसके पैर पर हाथ रख दिया उसने उस टाइम भी कुछ नही कहा मुझे उस टाइम ये समझ नही आया के उसने कुछ बोला क्यू नही में तो बस मज़े लूटने मे लगा था तो ऐसे ही में डेली अपना हाथ थोड़ा थोड़ा उपर ले जाता ओर एक दिन मैने अपना हाथ उसकी चूत पे पहुचा दिया ओर जैसे ही वहा मेने हाथ रखा उसने झट से मेरा हाथ हटा दिया।
में डर गया उस टाइम तो मेने फिर ऐसा कभी नही किया फिर में डेली जाकर वैसे ही गेट पर बेठ जाता ओर बस मोका देखता की वो कपड़े निचोड़े अरे हाँ वो कपड़े निचोड़ते टाइम खड़ी हो जाती थी। बाथरूम तो में उसके पीछे चला जाता ओर जैसे ही मोका मिलता में उसकी गांड पर अपना लंड टच करवा देता अब सोचो दोस्तो कितना टाइम लगा होगा उसकी चूत मारने में तो चलो आगे सुनो. तो कुछ दिन ऐसा ही चलता रहा फिर एक दिन मैने अपना लंड अपनी पेंट मे से निकाल के टच किया उसकी गांड पर सोच नही सकते की कितना मज़ा आता था मुझे उस टाइम पर तो धीरे धीरे में आगे बढ़ रहा था ओर वो कुछ बोल भी नही रही थी तो में डेली अब ज्यादा ज़ोर से लंड को दबाता उसकी गांड पर ओर फिर एक दिन मेने उसकी नीचे वाली ड्रेस उतारी थोड़ी सी की गांड तो दिख जाए पर कुछ नही दिखा तो मैने थोड़ी ओर उतारने की कोशिश की पर इस बार वो घूम गयी ओर बोली।

वो: नही लक्की प्लीज़ ऐसा मत कर….

मैने फिर कुछ भी नही बोला ओर वो मुझ से चिपक गयी ओर रोने लगी की तू ऐसा क्यू करता हे मुझे कुछ भी समझ मे नही आ रहा था की क्या करू में पर वो रो रही थी तो बाथरूम से आवाज़ बाहर ना जाए इसलिए में उसे रूम मे ले गया वो रो रही थी अभी भी पर वो मुझसे चिपकी हुई थी. फिर पता नही क्या हुआ वो बेड पर लेट गयी मुझे चिपका कर अपने से ओर बेड पर गिर गयी वो रोती रोती ओर में उसके उपर पड़ा हुआ था मेरा लंड तो जैसे उसके कपड़े मे से निकल कर चूत मे घुस जाए ऐसा हो रहा था तो मेने फिर नीचे जाकर उसकी ड्रेस नीचे से उतार दी पर वो उतारने नही दे रही थी।

फिर भी मैने जैसे तैसे करके उतार दी ओर वापस उसके उपर चड गया अब में अपना लंड उसकी चूत में डालने की ट्राइ करने लगा पर वो डालने ही नही दे रही थी पता नही क्यू ऐसा कर रही थी वो पर जैसे ही में ट्राइ करता डालने की वो पैर चिपका लेती ओर मना करती। पर मुझे पता था की वो चाहती तो हे तो मैने जैसे तैसे करके डाल दिया एक बार अंदर ओर पता नही उसे इतना दर्द हुआ की वो चिल्ला दी ओर मुझे हटा दिया अपने उपर से ओर रूम से निकाल दिया मुझे ओर बंद कर लिया रूम उसने अब मुझे डर लगने लगा था में भी उसे मनाने लगा की प्लीज़ खोल दे गेट आगे से नही करूँगा ऐसा पर उसने नही खोला।

में बोलता रहा ओर थोड़ी देर बाद उसने गेट खोल दिया ओर वो बाहर पोछा लेने गयी तो मेने देखा के नीचे ब्लड पड़ा हुआ था मतलब वो वर्जिन थी अभी तक ओर इसलिए ही उसने मुझे रोका था ओर बस फिर काम खत्म करके वो चली गयी ओर जब वो दूसरे दिन आई तो बहोत धीरे धीरे चल रही थी जैसे दर्द हो रहा हो उसे ओर में भी वेट कर रहा था उसका क्यूकी मुझे पता था की अब वो मना नही करेगी. कभी तो फिर वो जैसे ही कपड़े धोने गयी में बाथरूम मे घुसा ओर उसे बाहर रूम मे ले आया. फिर मेने उसका ड्रेस खोला नही पर उपर कर दिया तो उसके बोब्स दिखने लगे. फिर में उन बोब्स को चूसने लगा वो मना तो कर ही नही रही थी. कुछ भी करने से तो थोड़ी देर बाद चूसने के बाद मैने उसकी नीचे वाली ड्रेस भी उतार दी ओर अपना लंड डालने की ट्राइ करने लगा पर लंड अंदर जा ही नही रहा था।

मुझसे बहुत ट्राइ करने के बाद उसने खुद अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ा ओर अंदर डाल दिया जैसे ही मेने अपना लंड उसकी चूत मे डाला उसने आँखे बंद कर ली ओर लंबी सी साँस लेने लगी में चोदता रहा ऐसे ही उसे ओर फिर जब पानी निकलने वाला था तब मेने अपना लंड निकाल दिया ओर जल्दी से बेड से उतर के पानी नीचे ही निकाल दिया ओर फिर वो खड़ी हुई ओर जल्दी से कपड़े पहन के पोछे से साफ़ कर दिया. मेरा निकला हुआ पानी ओर फिर वो अपना काम करने लगी फिर ऐसे ही चलता रहा वो रोज काम करने आती ओर मुझसे काम करवा के चली जाती थी ।